duर बैठे रहोगे, पास न आओगे कभी !

ऐसे रूठोगे तो जान ले जाओगे कभी !

शोले बन जायेगें सभी फूल मेरे आंचल के !

तुम जो मोहब्बत की घटा बनके न छाओगे कभी !!