भुलाना चाहुँ तुम्हे जितना उतना आँखों में उतरती जाती हो, दूर जाकर भी तुम मेरे धड़कन में समाती जाती हो,

क्या है क्यों है कैसे है इतनी मोहब्बत तुमसे हमे की, जितना उतारूं तुम्हे तुम उतना दिल में बढ़ती जाती हो।