बुलंद
हो
होंसला
तो
मुट्ठी
में
हर
मुकाम
है,
मुश्किले
और
मुसीबते
तो
ज़िंदगी
में
आम
हैं,
ज़िंदा
हो
तो
ताकत
रखो
बाज़ुओ
में
तैरने
की,
क्योकि
लहरो
के
साथ
बहना
तो
लाशो
का
काम
है

बुलंद
हो
होंसला
तो
मुट्ठी
में
हर
मुकाम
है,
मुश्किले
और
मुसीबते
तो
ज़िंदगी
में
आम
हैं,
ज़िंदा
हो
तो
ताकत
रखो
बाज़ुओ
में
तैरने
की,
क्योकि
लहरो
के
साथ
बहना
तो
लाशो
का
काम
है

0 Comments